खरबूजे की सभी प्रजातियां सारी दुनिया में
गर्मियों में ही होती हैं, चूंकि यह गर्मियों का फल है। अतः गर्मियों का मौसम जब
तापमान 38 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच हो तब खाना लाभप्रद है।
खरबूजे का शरीर में क्षारीय प्रभाव होता है। अतः
यह खून के PH व अन्य अंगों के द्रवों के च्भ् को बनाये रखता है। खरबूजे के साथ
धारणा रही है कि यदि खरबूजा दोपहर में खाया जाए या इसके साथ पानी पीया जाए तो हैजा
हो जाता है, ऐसा कदापि नहीं हैं। खरबूजा प्रोर्टिन व विटामिन्स वाला पदार्थ है।
इसे दिन में कभी भी व कैसे भी खाया जा सकता
है।
खरबूजा अधिक क्षारिय प्रभाव पैदा करने वाला फल
है। अतः इस कारण यह कई रोगों का नाशक है। खरबूजे में पाये जाने वाला कैल्शियम
पोटेशियम व सोडियम दूध पिलाने वाली मात्राओं में दूध की बढ़ोतरी करता है। खरबूजे का
सल्फर व कैरोटिन रक्त कोशिकाओं को फैलाता है, फलस्वरूप रक्तचाप कम होता है। यदि
उच्च रक्तचाप वाला व्यक्ति एक किग्रा से डेढ़ किग्रा तक खरबूजे का प्रतिदिन सेवन
करता है तो कोशिकाओं का फैलाव व लचीलापन तेजी से बढ़ता है और रक्तचाप को सामान्य
लाने में मदद करता है। खरबूजे में पानी की मात्रा 93 प्रतिशत होती है जो कि
एक्लालाइन है। अतः इस कारण यह गुर्दे की पथरी, जिगर की बीमारी को ठीक करता है।
खरबूजा मूत्रवर्धक होने के कारण यह पेशाब के माध्यम से शरीर से उन अनावश्यक तत्वों
को बाहर कर देता है, जिनको कि शरीर को जरूरत नहीं है। यह शरीर के आन्तरिक अंगों की
सफाई का सशक्त माध्यम है।
प्रकृति ने प्रत्येक फल को उसके हिसाब से पूर्ण
बनाकर भेजा है। खरबूजे को भी अपने तरीके से पूर्ण बनाया है। इसमें पाया जाने वाला
ग्लूकोज उच्च क्लालिटी का होने के कारण शीघ्र ही पचता है। जब खरबूजे को किसी फल,
शक्कर या दूध के साथ मिलाकर खाया जाता है जो खरबूजे की क्रियाशीलता को कम करता है।
साफ–स्वच्छ, ठण्डा व पका हुआ फल उर्जा से भरपूर होता है। गर्मियों के मौसम में इसका
भरपूर प्रयोग शीतलता व ताजगी देता है।
दस लाभ
खरबूजा लंग कैंसर से हमारे शरीर की रक्षा करने
में मदद कर सकता है। साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन सी और बिटा-कैरोटेन मिलकर कैंसर
रोकने में सहायक हो सकते हैं।
इसे गर्मी के मौसम का परफेक्ट फ्रूट माना गया है।
इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा शरीर में पानी की कमी की भरपाई करता है। इसी वजह
से हमारा शरीर गर्मियों में पसीने के रूप में शरीर से निकले पानी के भरपाई तुरंत कर
लेता है।
इस मौसम में खरबूजा शरीर की गर्मी और उससे जुड़े
बीमारियों को रोक देता है। अगर आप नियमित रूप से अपने शरीर में मौजूद कैलोरी को
जानने के आदी हैं तो रोज खरबूजे खाइए।
वजन कम करता है खरबूजा
वजन कम करने की इच्छा वालों के लिए खरबूजा बहुत
अनुकूल फल है, क्योंकि इसमें काफी मात्रा कैलोरी या शुगर मौजूद होती है। इसलिए
खरबूजे को काफी उम्दा फल समझना चाहिए।
इसके गूदे में मौजूद नारंगी रंग के रेशे या फाइबर
काफी मुलायम होते हैं, जिन्हें कब्जियत की शिकायत रहती है, वे खरबूजा खाएं, तो इससे
फायदा होता है।
खरबूजे में कई विटामिन
खरबूजे में उच्च स्तर का बेटाकैरोटेन, फोलिक
एसिड, पोटैशियम, विटामिन सी और ए मौजूद होते हैं। इसलिए अगर आप सेहतमंद और जवां
दिखना चाहते हैं तो अपने दैनिक आहार में खरबूजे को शामिल करना मत भूलिएगा।
खरबूजे में मौजूद पोटैशियम शरीर से सोडियम को
निकालने का काम करता है, जिससे हाई ब्लडप्रेशर को लो करने में मदद मिलती है।
पीरियड के दौरान महिलाओं को खरबूजा खाते रहना
चाहिए, क्योंकि यह हेवी फ्लो और क्लॉट्स को कम कर देता है। थकान में भी यह राहत
देता है। साथ ही, यह नींद ना आने की बीमारी को भी भगाता है।
आखों के लिए फायदेमंद
- आंखों के लिए विटामिन ए बहुत लाभदायक माना जाता
है। खरबूजा इसीलिए आंखों के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि खरबूजा विटामिन
बीटा-कारोटीन के रूप में विटामिन ए उपलब्ध कराता है। डब्ल्यूएचएफ के अनुसार रोज तीन
बार उच्च बीटा-कारोटीन फल खाने से मैकुलर डीजेनेरेशन का खतरा 1.5 बार खाने वालों की
तुलना में 36 प्रतिशत कम हो जाता है। मैकुलर डीजेनेरेशन ढलती उम्र के साथ होने वाली
समस्या है, जिससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
केंसर को पनपने से रोकता है
शरीर में उपस्थित कोशिकाएं जिनसे मिलकर हमारा
पूरा शरीर बना है अगर किसी एक भी अंग में वे अनियंत्रित रूप से बढऩे लगती हैं तो
कैंसर हो जाता है।कैंसर को एक खतरनाक बीमारी माना जाता है ये बीमारी अगर ज्यादा बढ़
जाए तो लाइलाज हो जाती है। इसीलिए इस बीमारी से बचे रहना जरुरी है और बचने के लिए
कुछ बहुत ज्यादा करने की जरुरत नहीं है बस सिर्फ अपनी दिनचर्या व खानपान में कुछ
विशेष बातों का ध्यान रखा जाए तो कैंसर से हमेशा बचा रहा जा सकता है। खरबूजा एक ऐसा
ही फल है इसमें बड़ी मात्रा में आर्गेनिक पिगमेंट केरोटेन्वाइड पाया जाता है, जो
कैंसर से बचाने के साथ ही लंग कैंसर की संभावना को भी कम करता है। यह शरीर में पनप
रहे कैंसर के मूल को नष्ट कर देता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए भी स्वादिष्ट
दवा
- डायबिटीज के रोगियों के लिए भी खरबूजा एक औषधि
की तरह काम करता है। उनके आहार में शुगर और ऊर्जा की मात्रा कम होती है। ऐसे रोगी
के लिए खरबूजे का जूस अच्छा आहार हो सकता है। विशेषज्ञ हमेशा मधुमेह के रोगी को
खरबूजे का जूस लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित
करता है।
वजन कम करना है तो खरबूजा खाएं
- अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो गर्मियों
में खरबूजा जरूर खाएं। इसमें काफी कम मात्रा में सोडियम पाया जाता है। साथ ही यह
फैट और कोलेस्ट्रोल से भी मुक्त होता है। वहीं इससे काफी कम कैलोरी मिलती है। एक कप
खरबूजे में सिर्फ 48 कैलोरी ऊर्जा होती है। खरबूजे में पाए जाने वाले प्रकृतिक
मीठेपन से आप उच्च कैलोरी वाली मिठाईयों से भी दूर रहेंगे।
निखर जाएगी त्वचा, रूखापन नहीं आएगा
- पुरानी खाज में खरबूजे का रस लाभदायक है।खरबूजे
में विटामिन सी पाया जाता है।हमारी त्वचा में कनेक्टिव टिशू पाए जाते हैं। खरबूजे
में पाए जाने वाले कोलाजन प्रोटीन इन कनेक्टिव टिशू में कोशिका की संरचना को बनाए
रखता है। कोलाजन से जख्म भी जल्दी ठीक होते हैं और त्वचा को मजबूती मिलती है। अगर
आप लगातार खरबूजा खाएंगे तो त्वचा के रुखेपन नहीं आएगा।
हार्टअटैक की संभावना पर ही कर डालाता है
अटैक
- खरबूजे में एडेनोसीन नामक एंटीकोएगुलेंट पाया
जाता है, जो रक्त कोशिओं को जमने से रोकता है। रक्त कोशिकाओं के जमने से ही दौरा और
दिल की बीमारी होती है। खरबूजा शरीर में रक्त के बहाव को बनाए रखने में सहायक होता
है, जिससे दौरा और दिल की बीमारियों की संभावना कम हो जाती है। अधिकतर खरबूज में
विटामिन बी पाया जाता है। विटामिन बी शरीर में ऊर्जा के निर्माण में सहायक होता है।
सूगर और कार्बोहाइड्रेट को संसाधित करने में यह ऊर्जा शरीर के लिए आवश्यक होती
है।
कोई टाइम लिमिट नहीं, कभी भी खाइए
खरबूजे का शरीर में क्षारीय प्रभाव होता है, यह
शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में सहायता करता है। खरबूजे के साथ धारणा रही
है कि यदि खरबूजा दोपहर में खाया जाए या इसके साथ पानी पीया जाए तो हैजा हो जाता
है, लेकिन ऐसा नहीं है। खरबूजा एक विटामिन्स व प्रोटिन से भरपूर फल है जिसे कभी भी
खाया जा सकता है।
आलस भगाता है, ताजगी लाता है
खरबूजे में ग्लूकोज उच्च क्लालिटी का होने के
कारण शीघ्र ही पचता है। जब खरबूजे को किसी फल, शक्कर या दूध के साथ मिलाकर खाया
जाता है जो खरबूजे की क्रियाशीलता को कम करता है। साफ ,स्वच्छ, ठण्डा व पका हुआ फल
उर्जा से भरपूर होता है। गर्मियों के मौसम में इसका भरपूर प्रयोग शीतलता व ताजगी
देता है।
हाईब्लडप्रेशर में भी काम की चीज
हाईब्लडप्रेशर वाला व्यक्ति एक किग्रा से डेढ़
किग्रा तक खरबूजे का प्रतिदिन सेवन करता है तो कोशिकाओं का फैलाव व लचीलापन तेजी से
बढ़ता है और रक्तचाप को सामान्य लाने में मदद करता है। खरबूजे में पानी की मात्रा
93 प्रतिशत होती है इसलिए खरबूजा पेशाब के माध्यम से शरीर से उन अनावश्यक तत्वों को
बाहर कर देता है जिनको कि शरीर को जरूरत नहीं है। यह शरीर के आन्तरिक अंगों की सफाई
का सशक्त माध्यम है। इसलिए इसका सेवन पथरी के रोगियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक
होता है।
मौसमी कीटाणुओं से होगी सुरक्षा
- खरबूजा गर्मियों में होने वाली कई बीमारियों को
शरीर से दूर रखता है। इस कारण यह कई रोगों का नाशक है। खरबूजे में पाये जाने वाला
कैल्शियम पोटेशियम व सोडियम दूध पिलाने वाली मात्राओं में दूध की बढ़ोतरी करता है।
खरबूजे का सल्फर व कैरोटिन रक्त कोशिकाओं को फैलाता है,जिस कारण रक्तचाप कम होता
है।
किडनी के रोगियों के लिए फायदेमंद
- खरबूजे किडनी के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक
होते हैं। खरबूजा शरीर में डाइयुरेटिक क्षमता को बढ़ाता है। इस कारण इससे किडनी की
बीमारियां ठीक होती हैं और यह एकजिमा को कम करता है। अगर खरबूजे में नींबू मिलाकर
इसका सेवन किया जाए तो इससे गठिया की बीमारी भी ठीक हो सकती है।
तनाव भी दूर कर देता है
- अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं तो गर्मियों
में खरबूजा खाना न भूलें। इसका मुख्य कारण यह है कि खरबूजे में भरपूर मात्रा में
पोटेशियम पाया जाता है। खरबूजे में मौजूद यही पोटेशियम इससे उबरने में सहायक होता
है। पोटेशियम दिल को सामान्य रूप से धड़कने में मदद करता है, जिससे मस्तिष्क में
पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और यह सुचारू रूप से कार्य करता है।
चलो कब्ज भी भगा लो
- खरबूजे से कब्ज की समस्या भी दूर होती है। अगर
आप पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं, तो खरबूजा खाइए। खरबूजे में मौजूद पानी की
मात्रा पाचन में सहायक होती है। इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स पेट की एसिडिटी को
खत्म करते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रहती है। खरबूजे के सेवन से पेट की
जलन शांत होती है व यह शरीर की अम्लता को दूर करता है।