Wednesday, 16 September 2015

Benefits Of Guava / अमरूद और आयुर्वेद



क्या चीज है ये अमरुद भी.  किसी जमाने में इसे ग़रीबों का सेब कहा जाता था . आखिर क्यों न कहा जाए. इसमें इतने सारे तत्व पाए जाते हैं कि शरीर में पहुँचते ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते हैं. ये अकेला ऐसा फल है जिसको खाने के बाद अजीब सी प्रसन्नता का अनुभव होता है यानी कि मन खुश हो जाता है. आइये जानते हैं आज इसके बारे में कि ये अपने भीतर आखिर क्या छुपाये हुए है कि बाज़ारों में यूं इठला इठला कर बरबस ही ध्यान खींच लेता है –
इसे हिन्दी में जामफल भी कहते हैं.संस्कृत में पेरुकमदृढबीजंअरबी में कम्सुरामराठी में पेरूबंगाली में पियारागुजराती में जामफड़े तेलगू में गोइयाद्रविण में कोईयाकर्नाटक में शिवेऔर वैज्ञानिक भाषा में सिडियम गुआबिया कहते हैं.
आयुर्वेद में अमरुद को मधुरग्राहीकफकारकवातवर्धकस्वादिष्टशीतलतीक्ष्णभारीत्रिदोष नाशक और साथ में भ्रम ,मूर्छा और शारीरिक जलन को नष्ट करने वाला माना गया है.
अमरुद में ल्यू कोसायनीदीनक्वेरसेटिनबीता सितो-स्तीरालगुवाजेवरीन लिमोनीनपिनीन,निओसीन,विटामिन-बी ६,विटामिन-सीकैदिनिनसिट्रिकरीबोफ्लेविनएमिनो एसिडस्टार्च,ग्लूकोजफ्रक्टोजसुक्रोजटैनिन्सथायमिनकीरोटिन,आक्जेलिकक्वीनिकसक्सीनिकमलिक,तार्तेरिक एसिडफार्नेसिंकरक्यूमिनसिनामिकरहामनोज जैसे तत्वों की भरमार होती है.
अमरुद तो अमरुद इसके पत्तेपेड़ की छालजड़ भी दवाओं का काम करते हैं-


* अगर पेट में दर्द हो या बदहजमी की स्किकायत हो तो इसके कोमल पत्ते पीस कर रस निकालिए और ३०- ३५ ग्राम पिला दीजिये.
* मुंह में कोई घाव हो या मसूड़ों से खून आता हो तो अमरुद के पत्तों का काढा बनाकर उसे ५-५ मिनट मुंह में रख कर कुल्ला कीजिए.
* बहुत दस्त हो रहे हो तो पत्तों का काढा २५-२५ ग्राम २-३ बार पिला दीजिये.
* अगर किसी को भांग का नशा चढ़ गया हो तो अमरुद खिला दीजिये ,नशा उतर जाएगा.
* हैजे के कारण उल्टीदस्त हो रहा हो तो अमरुद के पत्तों का काढा बहुत तेज फ़ायदा करेगा.
* दांतों में दर्द हो रहा हो तो अमरुद के पत्ते चबाएं.
* बच्चो को अगर बहुत दिनों से दस्त की शिकायत है तो अमरुद की बीस ग्राम जड़ को दो सौ ग्राम पानी में उबालिए जब आधा से भी थोड़ा कम पानी बचे तो उतार लीजिये और छान लीजिये. एक-एक चम्मच सुबह दोपहर शाम को पिलायें . बीमारी ख़त्म.
* आप कब्ज से परेशान हों तो शाम को चार बजे कम से कम २०० ग्राम अमरुद नमक लगाकर खा जाया करेंफायदा अगली सुबह से ही नज़र आने लगेगा. १० दिन तो खा ही लीजिये फिर जब तक मन करे तब तक खाएं.
*  अमरूद हृदय को मजबूत करता हैदिमाग को भी शक्ति देता है और पाचन शक्ति दुरुस्त करता है. मीठा अमरुद पेचिश में भी फायदा पहुंचता है .अगर भोजन के बाद एक अमरुद खाया जाए तो भोजन में मौजूद सारे तत्व आसानी से पाच जाते हैं अर्थात खाना शरीर में लगता है. इसको खाने से मन प्रसन्न रहता है.यह भूख को भी बढाता है.
* अगर आँखों में सूजन आ गयी हो तो इसके फूलों को मसल कर लेप कर दीजिये. सूजन ख़त्म भी होगी आँखों की रोशनी भी तेज होगी.

* अमरुद को पतला पतला काटिए अब उस पर काली मिर्च का पावडर ,नमक ,थोड़ी चीनी और नीम्बू डालिए. कुछ देर ढक के रख दीजिये .फिर चाव से खाइए.

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