Thursday, 17 September 2015

खजूर

परिचय :

खजूर के पेड़ पतले व बहुत ऊंचे होते हैं। खजूर के पेड़ नारियल के पेड़ के समान होते हैं। यह 30 से 50 फुट ऊंचे होते हैं और इसके तने तंतुओं से बने 3 फुट लम्बे मटमैले होते हैं। खजूर के पत्ते नोकदार कटे-कटे से 10 से 15 फुट तक लम्बे होते हैं। इसके फूल खुशबूदार और छोटे होते हैं। फल छोटे-छोटे गुच्छों में होते हैं और इसके अन्दर बीज सख्त व दोनों सिरों से गोल होते हैं।
खजूर 2 प्रकार के होते हैं- खजूर और पिण्ड खजूर। पिण्ड खजूर का फल खजूर के फल से अधिक गूदेदार व काफी बड़ा होता है। यही फल सूखने पर छुहारा कहलाता है। खजूर एक पौष्टिक मेवा भी है। खजूर के पेड़ के ताजे रस को नीरा और बासी को ताड़ी कहते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार : खजूर स्वादिष्ट, पौष्टिक, मीठा, शीतल, तृप्तिकारक (इच्छा को शांत करने वाला), स्निग्ध, वात, पित्त और कफ को दूर करने वाला होता है। यह टी.बी, रक्त पित्त, सूजन एवं फेफड़ों की सूजन के लिए लाभकारी होता है। यह शरीर एवं नाड़ी को शक्तिशाली बनाता है। सिर दर्द, बेहोशी, कमजोरी, भ्रम, पेट दर्द, शराब के दोषों को दूर करने के लिए इसका प्रयोग अत्यंत लाभकारी होता है। यह दमा, खांसी, बुखार, मूत्र रोग के लिए भी लाभकारी है।
यूनानी चिकित्सकों के अनुसार : खजूर गर्म व तर होता है। यह कमजोर जिगर को मजबूत बनाने वाला, थकावट को दूर करने वाला, शरीर को मोटा बनाने वाला, धातुदोष को दूर करने वाला, लकवा और कमर के दर्द को समाप्त करने वाला होता है। यह कामोत्तेजक होता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार : खजूर का रसायनिक अध्ययन करने पर पता चला है कि इसमें विभिन्न तत्त्व होते हैं-
तत्त्व मात्रा
चीनी 67.3 प्रतिशत
प्रोटीन 5.0
वसा 2.0
खनिज प्रदार्थ 1.3
कैल्शियम थोड़ी मात्रा
लौहा थोड़ी मात्रा
फास्फोरस थोड़ी मात्रा
विटामिन ए, बी थोड़ी मात्रा
पानी 21.1 प्रतिशत
विभिन्न भाषाओं में खजूर के नाम :
संस्कृत खर्जूर।
हिन्दी खजूर, छुहारा, पिडं खजूर।
अंग्रेजी डेट।
लैटिन फिनिक्स डेक्टीलीफेरा।
मराठी खारिक।
गुजराती खोरेक।
बंगाली खेजूर।
रंग : खजूर का रंग काला व लाल होता है।
स्वाद : इसका स्वाद मीठा और वाकस होता है।
स्वरूप : खजूर दो प्रकार के होते हैं- खजूर और पिण्ड खजूर। खजूर का पेड़ बड़ा होता है व नारियल के पेड़ के समान होता है। इसमें पीले व हल्के लाल रंग के फल लगते हैं। पत्ते नोकदार होते हैं जो पहले हरे, फिर पीले व पकने के बाद लाल हो जाते हैं।
प्रकृति : खजूर शीतल और ठंडा होता है।
हानिकारक : खजूर का अधिक उपयोग करना खून को जला देता है।
दोषों को दूर करने वाला : खजूर के साथ >बादाम खाने से खजूर में मौजूद दोष दूर होते हैं।

तुलना : खजूर की तुलना किशमिश से की जा सकती है।

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