Monday, 21 September 2015

इलायची

परिचय :

इलायची हमारे भारत देश तथा इसके आसपास के गर्म देशों में ज्यादा मात्रा में पायी जाती है। इलायची ठण्डे देशों में नहीं पायी जाती है। इलायची मालाबार, कोचीन, मंगलौर तथा कर्नाटक में बहुत पैदा होती है। इलायची के पेड़ >हल्दी के पेड़ के समान होते हैं। मालाबार में इलायची खुद ही पैदा होती है। मालाबार से हर वर्ष बहुत सी इलायची इंग्लैण्ड तथा दूसरे देशों के लिए भेजी जाती है। इलायची स्वादिष्ट होती है। आमतौर पर इसका उपयोग खाने के पदार्थों में किया जाता है। इलायची छोटी और बड़ी दो प्रकार की होती है। छोटी इलायची कड़वी, शीतल, तीखी, लघु, सुगन्धित, पित्तकर, गर्भपातक और रूक्ष होती है तथा वायु (गैस), कफ (बलगम),अर्श (बवासीर),क्षय (टी.बी.), विषदोष, बस्तिरोग (नाभि के नीचे का हिस्सा), कंठ (गले) की बीमारी, मूत्रकृच्छ (पेशाब करने में कष्ट या जलन होना), अश्मरी (पथरी) औरजख्म का नाश करती है। इलायची को रात को नहीं खाना चाहिए। रात को इलायची खाने से कोढ़ (कुष्ठ) हो जाता है। बड़ी इलायची तीखी, रूक्ष, रुचिकारी, सुगन्धित, पाचक, शीतल और पाचनशक्तिवर्द्धक होती है। यह कफ, पित्त, रक्त रोग, हृदय रोग, विष दोष, उल्टी, जलन और मुंहदर्द तथा सिर के दर्द को दूर करता है।
विभिन्न भाषाओं में नाम :
संस्कृत एला
हिन्दी इलायची
मराठी बेलची
गुजराती एलची
बंगाली एलाच
अंग्रेजी लेजर कारडामोम
लैटिन एलिटेरिया कार्डेमोमम
रंग : छोटी इलायची का छिलका सफेद और दाना हरा व काला होता है। बड़ी इलायची का दाना बहुत ही काला होता है।
स्वाद : बड़ी इलायची तीखी सुगन्धित होती है। छोटी इलायची तीखी, स्वादिष्ट और सुगन्धित होती है।
स्वरूप : छोटी इलायची के क्षुप (झाड़ीनुमा पौधा) अदरक के समान होती है। इसके फूल सफेद और लाल होते हैं।
स्वभाव : छोटी इलायची खाने में शीतल होती है।
हानिकारक : छोटी इलायची का अधिक मात्रा में उपयोग आन्तों के लिए हानिकारक होता है तथा इलायची को रात को नहीं खाना चाहिए। रात को इलायची खाने से कोढ़ हो जाता है।
दोषों को दूर करने वाला : कतीरा और वंशलोचन इलायची के दोषों को दूर करते हैं।
तुलना : छोटी इलायची की तुलना लौंग से की जा सकती है।
मात्रा : छोटी इलायची 1 से 3 ग्राम की मात्रा में सेवन कर सकते हैं।

गुण : छोटी इलायची कफ, खांसी, श्वास, बवासीर और मूत्रकृच्छ नाशक है। यह मन को प्रसन्न करती है। घाव को शुद्ध करती है। हृदय और गले की मलीनता को दूर करती है। हृदय को बलवान बनाती है। मानसिक उन्माद, उल्टी और जीमिचलाना को दूर करती है। मुंह की दुर्गन्ध को दूर करके सुगन्धित करती है और पथरी को तोड़ती है। बड़ी इलायची के गुण भी छोटी इलायची के गुण के समान होते हैं। पीलिया, बदहजमी, मूत्रविकार,सीने में जलन, पेट दर्द, उबकाई, हिचकी, दमा, पथरी और जोड़ों के दर्द में इलायची का सेवन लाभकारी होता है।

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