मीठा अनार तीनों दोषों का शमन करने वाला, तृप्तिकारक, वीर्यवर्धक, हलका, कसैले रसवाला, बुद्धि तथा बलदायक एवं प्यास, जलन, ज्वर, हृदयरोग, कण्ठरोग, मुख की दुर्गन्ध तथा कमजोरी को दूर करने वाला है। खटमिट्ठा अनार अग्निवर्धक, रुचिकारक, थोड़ा-सा पित्तकारक व हलका होता है। पेट के कीड़ों का नाश करने व हृदय को बल देने के लिए अनार बहुत उपयोगी है। इसका रस पित्तशामक है। इससे उलटी बंद होती है।
अनार में पाये जाने वाले तत्व - कैल्शियम,फास्फोरस,पोटेशियम,विटामिन A, C, E,थायमिन,आयरन,राइबोफ्लेविन,ओमेगा 5,
ऊपर लिखी लिस्ट में वे सभी तत्व बताये गये हैं जो कि अनार में पाए जाते हैं | अनार सर्वाधिक रक्त को बढ़ाने के लिए खाया जाता हैं | यह ध्यान रखे अनार का पूरा एक फल खाना चाहिये क्यूंकि अनार के सभी दाने गुणकारी हो जरुरी नहीं इसलिए इसे आधा या मिल बाँट कर ना खायें | एक पुरे अनार का सेवन करे | यह शरीर के लिए बहुत लाभकारी हैं इसलिए इसे (Anar/ Pomegranate)रोजाना फल या रस के रूप में खायें |
अनार पित्तप्रकोप, अरुचि, अतिसार, पेचिश, खाँसी, नेत्रदाह, छाती का दाह व मन की व्याकुलता दूर करता है। अनार खाने से शरीर में एक विशेष प्रकार की चेतना सी आती है।
इसका रस स्वरयंत्र, फेफड़ों, हृदय, यकृत, आमाशय तथा आँतों के रोगों से लाभप्रद है तथा शरीर में शक्ति, स्फूर्ति तथा स्निग्धता लाता है।
औषधि-प्रयोगः
गर्मी के रोगः गर्मियों में सिरदर्द हो, लू लग जाय, आँखें लाल हो जायें तब अनार का शरबत गुणकारी सिद्ध होता है।
पित्तप्रकोपः ताजे अनार के दानों का रस निकालकर उसमें मिश्री डालकर पीने से हर प्रकार का पित्तप्रकोप शांत होता है।
अरुचिः अनार के रस में सेंधा नमक व शहद मिलाकर लेने से अरुचि मिटती है।
खाँसीः अनार की सूखी छाल आधा तोला बारीक कूटकर, छानकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलायें। यह चूर्ण दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से भयंकर कष्टदायक खाँसी मिटती है एवं छिलका मुँह में डालकर चूसने से साधारण खाँसी में लाभ होता है।
खूनी बवासीरः अनार के छिलके का चूर्ण नागकेशर के साथ मिलाकर देने से बवासीर का रक्तस्राव बंद होता है।
अनार का रस पाचन तंत्र को सुधरता हैं : पेट, लीवर और ह्रदय की गतिविधी को दुरुस्त रखने में अनार (Anar/ Pomegranate) सहायक फल हैं | इससे भूख बढ़ती हैं और प्यास कम लगती हैं |इसलिए इसे गर्मी में बहुत फायदेमंद समझा जाता हैं | इससे यूरिन संबंधी परेशानी ठीक होती हैं यह यूरिन के बहाव को सरल करता हैं |अनार में बहुत अधिक फाइबर होते हैं जो घुलनशील एवम अघुलनशील दोनों ही तरह के हैं |जिससे पाचन तंत्र अच्छा रहता हैं और इसके इसी गुण के कारण वजन कम करने में इसे सहायक फल माना गया हैं क्यूंकि इसमें सैचुरेटेड एसिड होता हैं और कॉलेस्ट्रोल नहीं होता |
गर्भवती महिलाओं के लिए अनार बहुत फायदेमंद हैं : अनार गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी फल हैं | अनार में विटामिन और मिनरल के साथ फ्लोरिक एसिड पाया जाता हैं जो कि भ्रूण के लिए एक अच्छा भोजन हैं |यह भ्रूण को सुरक्षा देता हैं साथ ही ब्लड फ्लो को नियंत्रि करता हैं | अनार में पोटेशियम की मात्रा होती हैं जो महिलाओं में होने वाले पैर के दर्द से उन्हें राहत देती हैं |अगर गर्भवती महिलायें अनार या अनार के रस (Anar/ Pomegranate) का नियमित सेवन करती हैं तो प्री-मेच्यूर डेलिवरी का खतरा कम होता हैं और बच्चे का वजन भी सामान्य रहता हैं |
अनार ह्रदय के लिए फायदेमंद फल हैं : अनार शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं | खासतौर पर ह्रदय के लिए | यह धमनियों को सुचारू रखने में सहायक हैं उस पर आने वाली सुजन को कम करता हैं | रक्त प्रवाह को नियंत्रित करता हैं साथ ही खून के थक्के जमने से भी रोकता हैं | यह सभी ह्रदय रोगियों के लिए बहुत जरुरी हैं |यह शरीर के कॉलेस्ट्रोल को भी नियंत्रित करता हैं हानिकारक कॉलेस्ट्रोल को लाभकारी कॉलेस्ट्रोल से बदल देता हैं | इस तरह यह ह्रदय के रोगियों के लिए राम बाण हैं |
अनार हड्डी के रोगों में फायदेमंद हैं : अनार ऑस्टियोआर्थराइटिस मरीज को विशेष तौर पर दिया जाता हैं यह कार्टिलेज को तोड़ने में सहायक होता हैं |अनार के रस के सेवन से जोड़ो के दर्द या अन्य हड्डी के दर्द में राहत मिलती हैं क्यूंकि यह अंदरूनी और बाहरी सुजन को कम करता हैं |अनार का रस दिमागी बीमारी जैसे अल्जेरिया के मरीज के लिए भी फायदेमंद हैं | अनार किडनी के लिए भी एक अच्छा फल हैं |यह यूरिन सिस्टम को संतुलित करता हैं और पथरी को भी नियंत्रित करता हैं | साथ ही पुरुषो के लिए बहुत फायदेमंद हैं इसके नियमित सेवन से यह पुरुष में मूत्र के साथ वीर्य की निकासी को नियंत्रित करता हैं |
अनार के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं : अनार में वायरस और बैक्टेरिया से लड़ने का गुण पाया जाता हैं जिससे इम्युनिटी बढ़ती हैं | यह मुँह में पाए जाने वाले रोगाणुओं जिससे, केविटी पनपती हैं, को भी खत्म करता हैं |अनार एक अकेला फल हैं जो एच.ई.वी संकरण को रोकता है| इस तरह अनार इम्यून सिस्टम को मजबूत करता हैं |
अनार से हानि
किसी भी फल के अगर गुण हैं तो अवगुण भी हैं वैसे ही अनार के भी अवगुण हैं | इन्हें अवगुण नहीं कह सकते हैं लेकिन कुछ विशेष लक्षणों के चलते इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है |
- जिन लोगो को किसी भी तरह की एलर्जी हैं अनार (Anar/ Pomegranate) का सेवन उस एलर्जी को बढ़ा सकता हैं |
- अनार का रस (Anar/ Pomegranate) इन्फ्लूएंजा, खांसी, और कब्ज से पीढित व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिये |
- अनार (Anar/ Pomegranate) ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता हैं अगर इसके सेवन के साथ मेडिसिन भी ली जाए तो इफ़ेक्ट गलत हो सकता हैं क्यूंकि ब्लडप्रेशर पर फल और मेडिसिन दोनों अपना प्रभाव छोड़ेंगे |
- कुछ बिमारियों में ली जाने वाली मेडिसिन के साथ अनार को लेने से उसके नुकसान सामने आते हैं जैसे एड्स या मानसिक बीमारी में |


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